विन्ध्येश्वरी देवी / विंध्यवासिनी देवी महाशक्ति हैं। उनका निवास स्थान विन्ध्याचल है। माता जगदम्बा की नित्य उपस्थिति की वजह से विंध्याचल को जाग्रत शक्तिपीठ माना जाता है । सृष्टि आरंभ होने से पूर्व और प्रलय के बाद भी मां विंध्यवासिनी के जागृत शक्तिपीठ का अस्तित्व रहेगा। यहां देवी के 3 रूपों की पूजा की जाती है और भक्तो को तीन रूप के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है।

Vindhyeshwari Devi / Vindhyavasini Devi is the superpower. Her residence is Vindhyachal. Vindhyachal is considered as Jagrat Shaktipeeth because of the continual presence of Mata Jagdamba. The awakened Shaktipeeth of Maa Vindhyavasini exists before the beginning of the universe and even after the Holocaust. Here 3 forms of Goddess are worshiped and devotees get the privilege of having three forms of darshan.

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