श्री सरस्वती आरती – Shree Saraswati Aarti
श्री सरस्वती माता

श्री सरस्वती आरती – Shree Saraswati Aarti

सरस्वती देवी विद्या और बुद्धि प्रदाता हैं। उन्होंने संगीत की उत्पत्ति इसलिए उन्हें संगीत की देवी भी कहते हैं। बसन्त पंचमी के दिन सरस्वती पूजा के रूप में भी मनाते हैं। उन्हें वागीश्वरी, भगवती, शारदा, वीणावादनी और वाग्देवी सहित अनेक नामों से पूजा जाता है।
Saraswati Devi Is The Provider Of Education And Wisdom. She Originated Music, Hence She Is Also Called The Goddess Of Music. Saraswati Puja Is Celebrated On Fifth Day Of Spring Season. She is Worshiped By Many Names Including Vagishwari, Bhagwati, Sharda, Veenavadini And Vagdevi.

जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी।
सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी॥
बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला।
शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला॥
देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया।
पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया॥
विद्या ज्ञान प्रदायिनि, ज्ञान प्रकाश भरो।
मोह अज्ञान और तिमिर का, जग से नाश करो॥
धूप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो।
ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो॥
माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।
हितकारी सुखकारी, ज्ञान भक्ति पावे॥
जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥

Jay Saraswati Mata, Maiya Jay Saraswati Mata।
Sadgun Vaibhav Shalini, Tribhuvan Vikhyata॥
Chandravadani Padmasini, Dyuti Mangalkari।
Sohe Shubh Hans Sawari, Atul Tejdhari॥
Bayen Kar Mein Veena, Dayen Kar Mala।
Sheesh Mukut Mani Sohe, Gal Motiyan Mala॥
Devi Sharan Jo Aaye, Unaka Uddhar Kiya।
Paithi Manthara Dasi, Ravan Sanhar Kiya॥
Vidya Gyan Pradayini, Gyan Prakash Bharo।
Moh Agyan Aur Timir Ka, Jag Se Naash Karo॥
Dhoop Deep Phal Meva, Maa Svikar Karo।
Gyanchakshu De Mata, Jag Nistar Karo॥
Maa Saraswati Ki Arati, Jo Koi Jan Gave।
Hitakari Sukhakari, Gyan Bhakti Pave॥
Jay Saraswati Mata, Maiya Jay Saraswati Mata।
Sadgun Vaibhav Shalini, Tribhuvan Vikhyata॥

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