श्री शनिदेव आरती – Shree Shanidev Aarti
श्री शनि देव

श्री शनिदेव आरती – Shree Shanidev Aarti

हमारे नियमित जीवन में, भगवान शनि की दया और शक्ति का बहुत महत्व है। दुनिया पर शासन करने वाले नौ ग्रहों में से शनि सातवें स्थान पर है। शनिदेव यम के भाई भी हैं और उन्हें न्याय का देवता माना जाता है। श्री शनि आरती का पाठ करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और आपके दैनिक जीवन में आने वाले सभी संकट को दूर करते हैं। जय शनि महराज की।
In our regular life, the mercy and power of Lord Shani is very important. Saturn occupies the seventh position out of the nine planets ruling the world. Shanidev is also the brother of Yama and is considered the god of justice. Shani Dev is pleased by reciting Sri Shanidev Aarti and removes all the problems that come in your daily life. Jai Shani Maharaj

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥
श्याम अंग वक्र-दृ‍ष्टि चतुर्भुजा धारी।
नी लाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥
क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी।
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥
मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥
देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥
जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी।
सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥

jay jay shri shanidev bhaktan hitakari|
soorya putra prabhu chhaya mahatari||
shyam ang vakr-dr‍shiti chaturbhuja dhari|
ni lambar dhar nath gaj ki asavari||
krit mukut shish rajit dipak hai lilari|
muktan ki mala gale shobhit balihari||
modak mishthan pan chadhat hain supari|
loha til tel udad mahishi ati pyari||
dev danuj rishi muni sumirat nar nari|
vishvanath dharat dhyan sharan hain tumhari||
jay jay shri shani dev bhaktan hitakari|
soorya putra prabhu chhaya mahatari||

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